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Shishupal Vadh | शिशुपाल वध लीला

· 1.7 thousand · 4.2 million
Posted 1 year ago
Category: People & Blogs
Description: Shishupal Vadh | शिशुपाल वध लीला
Duration: 10 minutes and 27 seconds
Rating: 8/10 - Good
Definition: SD
Published: December 24, 2015
Uploader: Jyothi Darpan

Comments

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Mahabharat • 2 years ago
DIL KI AWAZ • 2 months ago
बाणासुर राजा बलि के सौ पुत्रों में से एक था। वह सबसे बड़ा, वीर तथा पराक्रमी था। अनौपम्या नाम की इसकी पत्नी को नारद ने एक मंत्र दिया था, जिससे यह सबको प्रसन्न कर सकती थी।[1] उसने घोर तपस्या के फलस्वरूप शिव से अनेक दुर्लभ वर प्राप्त किये थे। अत: वह गर्वोन्मत्त हो उठा था। उसके एक सहस्त्र बाहें थीं। वह शोणितपुर पर राज्य करता था। शिव से वर प्राप्ति बाणासुर बलि के सौ पुत्रों में ज्येष्ठ था। वह स्कंद को खेलता देख शिव की ओर आकृष्ट हुआ। उसने शिव को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या की थी। शिव ने वर मांगने को कहा तो उसने निम्न वर मांगे- देवी पार्वती उसे पुत्र-रूप में ग्रहण करें तथा वह स्कंद का छोटा भाई माना जाए। वह शिव से आरक्षित रहेगा। उसे अपने समान वीर से युद्ध करने का अवसर मिले। भगवान शिव ने कहा- "अपने स्थान पर स्थापित तुम्हारा ध्वज जब खंडित होकर गिर जायेगा, तभी तुम्हें युद्ध का अवसर मिलेगा।" बाणासुर की एक सहस्त्र भुजाएं थीं। उसने अपने मन्त्री कुंभांड को समस्त घटनाओं के विषय में बताया तो वह चिंतित हो उठा। तभी इन्द्र के वज्र से उसकी ध्वजा टूटकर नीचे गिर गयी। कृष्ण-बाणासुर युद्ध बाणासुर की कन्या उषा ने वन में शिव-पार्वती को रमण करते देखा तो वह भी कामविमोहित होकर प्रिय-मिलन की इच्छा करने लगी। पार्वती ने उसे आशीर्वाद दिया कि वह अपने प्रिय के साथ पार्वती की भांति ही रमण कर पायेगी। स्वप्नदर्शन से वह अनिरुद्ध पर आसक्त हो गयी। चित्रलेखा ने अनिरुद्ध का अपहरण किया तथा उसी की सहायता से उषा का अनिरुद्ध से गांधर्व विवाह हो गया। बाणासुर को ज्ञात हुआ तो उसने अनिरुद्ध को नागपाश से आबद्ध कर लिया। आर्या देवी की आराधना से अनिरुद्ध उन पाशों से मुक्त हो गया। इधर नारद से समस्त समाचार जानकर कृष्ण यादववंशियों सहित बाणासुर के नगर की ओर बढ़े। नगर को चारों ओर से अग्नि ने घेर रखा था। अंगिरा उसकी सुरक्षा में थे। गरुड़ ने हज़ारों मुख धारण करके गंगा से पानी लिया तथा अग्नि पर छिड़ककर उसे बुझा दिया। कृष्ण ने शिव पर जृंभास्त्र का प्रयोग किया। शिव की जृंभा से ज्वाला निकलकर दिशाओं को दग्ध करने लगी। पृथ्वी भयभीत होकर ब्रह्मा की शरण में गयी। ब्रह्मा ने शिव से कहा- "विष्णु और तुम अभिन्न हो। एक ही के दो रूप हो। तुम्हारी सलाह से ही असुरों का नाश आरंभ किया गया था। अब तुम असुरों को प्रश्रय क्यों दे रहे हो?" शिव ने योग बल से अपना और विष्णु का एकत्व जाना। अत: पृथ्वी पर विष्णु से युद्ध करने का निश्चय कर लिया। बाणासुर तथा कृष्ण का युद्ध हुआ। बाणासुर को बचाने के लिए पार्वती दोनों के मध्य जा खड़ी हुईं। वे मात्र कृष्ण को नग्न रूप में दीख पड़ रही थीं, शेष सबके लिए अदृश्य थीं। कृष्ण ने आंखेंं मूंद लीं। देवी की प्रार्थना पर कृष्ण ने बाणासुर को जीवित रहने दिया, किंतु उसके मद को नष्ट करने के लिए एक सहस्त्र हाथों में से दो को छोड़कर शेष काट डाले। शिव ने बीच-बचाव किया। पुत्रवत बाणासुर को शिव ने चार वर प्रदान किये- अजर-अमरत्व शिव-भक्ति में विभोर नाचने वालों को पुत्र-प्राप्ति बाहेंं कटने के कष्ट से मुक्ति 'महाकाल' नाम की ख्याति Read more at: http://hi.krishnakosh.org/%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0 साभार krishnakosh.org हमारी अन्य हिंदी विडियो पर भी आप अपनी शुभ नजर डाले- https://www.youtube.com/edit?o U&video_id b5T6R-DFxaA https://www.youtube.com/edit?o U&video_id tlrGBZum8rI https://www.youtube.com/edit?o U&video_id bC-H15ZRNV8 https://www.youtube.com/edit?o U&video_id -EiEAyz47po https://www.youtube.com/edit?o U&video_id QpkNo8FfbRc https://www.youtube.com/edit?o U&video_id c4dRiR-2ihw https://www.youtube.com/edit?o U&video_id navgd-Rf2AM https://www.youtube.com/edit?o U&video_id UlBCPGlcb0M https://www.youtube.com/edit?o U&video_id 9zsIJkMQDYw https://www.youtube.com/edit?o U&video_id KKt7dSSTxCM https://www.youtube.com/edit?o U&video_id OglXzBAWHeI https://www.youtube.com/edit?o U&video_id bNKaTPKrhfA https://www.youtube.com/edit?o U&video_id nq5qjFsW5_Q krishna leela mahabharata hindi shree krishna ramanand sagar
Payal Club • 3 weeks ago
जय माँ काली • 2 years ago
Ranchod Krishna
jaishreerama • 8 years ago
Krishna defeats Rukmuni's brother Rukmi while abducting her.
adtimee • 8 years ago
Use of Bhram Sheer Astra against Pandavs by Ashwthama when he found the Pandavs are still alive.Also for protecting himself from the anger of Pandavs,Ashwthama uses this Astra.
Prosenjit Boral • 3 years ago
DIL KI AWAZ • 6 months ago
krishna krishna कृष्णा पहली पत्नी रुक्मणि की कहानी जब कृष्ण और बलराम को जरासंध के आगमन को टालने और नगर को जलने कृष्ण को इसमें बड़ा मजा आता था लेकिन उन्होंने अपने इस जादू का दुरुपयोग कभी नहीं किया। वह बस यही सोचते थे कि लोगों को कैसे ऊपर उठाया जाए। आप चाहे किसी आदमी से प्यार करें या किसी औरत से या फिर किसी गधे से या किसी और से, जब किसी के मन में प्रेम पैदा हो जाता है तो कोई भी समझदार इंसान उसे विकसित ही करना चाहता है, उसे खत्म करना नहीं चाहता। संभव है कि किसी तरह की भावनात्मक विवशता के चलते वह अपने प्यार की दिशा मोडऩे की कोशिश करे, लेकिन उसे खत्म कभी नहीं करना चाहेगा। इसी तरह कृष्ण भी अपने इस नीले जादू को जारी रखते थे। वे लोगों को प्रेम करने के लिए प्रेरित तो करते थे लेकिन साथ ही यह कोशिश भी करते थे कि लोग उस प्यार को एक सही दिशा दे सकें जिससे वह उनके लिए लाभकारी हो सके। वह यह नहीं चाहते थे कि लोगों के मन में निराशा और ईष्र्या आए कि वे उन्हें पा नहीं सके। उनके जीवन में न जाने कितनी ही ऐसी स्थितियां आईं, जब उन्होंने एक स्त्री के स्नेह को ज्यादा सकारात्मक और उपयोगी बनाने के लिए उसे दूसरी दिशा देने की कोशिश की ताकि वह अपने प्रेम को मात्र एक शारीरिक इच्छा न समझे और खुद को एक उच्च संभावना में रूपांतरित कर सके। उनकी इस कोशिश का एक उदाहरण राजकुमारी रुक्मणि भी थीं। जब भी रुक्मणि को किसी त्योहार या किसी उत्सव का बहाना मिलता तो वह कृष्ण की एक झलक पाने और उनसे बात करने की आस में मथुरा पहुंच जातीं। कृष्ण ने अपनी ओर उनके इस दृढ़ आकर्षण को महसूस किया था, लेकिन वह उनके इस प्रकार के प्रेम को बढ़ावा नहीं देना चाहते थे। वह जानते थे कि रुक्मणि एक राजकुमारी थीं, जबकि वो खुद कहीं के राजा नहीं थे। चूंकि रुक्मणि से विवाह का प्रश्न ही नहीं उठता था, इसलिए वह उनकी इस तरह की प्रेम भावना को और भडक़ाना नहीं चाहते थे। वह हमेशा उनके प्रेम की आग को शांत करने की कोशिश करते थे, लेकिन साथ ही वह उस प्रेम को पूरी तरह कुचलना भी नहीं चाहते थे। इसलिए रुक्मणि के इस प्रेम की ओर बस इतना ही ध्यान दिया कि उसे सही दिशा में मोड़ा जा सके। लेकिन रुक्मणि का निश्चय दृढ़ था। जब कृष्ण के मित्र उद्धव विदर्भ आए तो रुक्मणि ने अपना निर्णय उन्हें बताते हुए कहा- 'चाहे जो हो जाए, मैं केवल love story हमारी अन्य हिंदी विडियो पर भी आप अपनी शुभ नजर डाले- https://www.youtube.com/edit?o U&video_id b5T6R-DFxaA https://www.youtube.com/edit?o U&video_id tlrGBZum8rI https://www.youtube.com/edit?o U&video_id bC-H15ZRNV8 https://www.youtube.com/edit?o U&video_id -EiEAyz47po https://www.youtube.com/edit?o U&video_id QpkNo8FfbRc https://www.youtube.com/edit?o U&video_id c4dRiR-2ihw https://www.youtube.com/edit?o U&video_id navgd-Rf2AM https://www.youtube.com/edit?o U&video_id UlBCPGlcb0M https://www.youtube.com/edit?o U&video_id 9zsIJkMQDYw https://www.youtube.com/edit?o U&video_id KKt7dSSTxCM https://www.youtube.com/edit?o U&video_id OglXzBAWHeI https://www.youtube.com/edit?o U&video_id bNKaTPKrhfA https://www.youtube.com/edit?o U&video_id nq5qjFsW5_Q krishna leela mahabharata hindi shree krishna ramanand sagar
durgaupashak • 7 years ago
JAI MAHISASUR MARDINI MATA KI
Sita Ram • 2 years ago
MAHABLI BALI- DEFEAT RAVANA